Tuesday, May 31, 2022

Tribute..

दर्द में भी ये लब मुस्कुरा जाते हैं 
बीते लम्हें हमें जब भी याद आते हैं


चन्द लम्हात के वास्ते ही सही 
मुस्कुरा कर मिली थी मुझे ज़िन्दगी
तेरी आगोश में दिन थे मेरे कटे
तेरी बाहों में थी मेरी रातें कटीं 

आज भी जब वो पल मुझको याद आते हैं
दिल से सारे गमों को भुला जाते हैं


किस कदर तेज़ रफ़्तार थी ज़िन्दगी 
कहकहे हर तरफ़ थी खुशी ही खुशी
मैंने जिस दिन कही प्यार की बात थी 
रुक गई थी अचानक वो बहती नदी

आज भी जब वो दिन मुझको याद आते हैं 
गुज़रे लम्हें ज़हन में उभर आते हैं 


I sang because he inspired..

I kept going because they inspired..


You parted ways,

leaving memories,

and songs…


But words..


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